अनुक्रमणिका
| १ | सुविचार | डॉ.आनंदकुमार स्वामी | १ |
| २ | संपादकीय : नवे वर्ष | २ | |
| ३ | ब्राह्मण वर्गाला कळकळीचे आवाहन | कै.प.पू.श्री अप्रबुध्द | ३ |
| ४ | प्रा.मा.गो.वैद्य यांच्या लेखाच्या निमित्ताने | श्रीश हळदे | २३ |
| ५ | कुटुंबात गृहिणीचे स्थान | सौ.श्रृतिकीर्ती विनय सप्रे | २९ |
| ६ | मिशनर्यांचे मिशन ! | दादूमिया | ३२ |
| ७ | मराठी बाण्याचे राष्ट्रकवी : प्रा.वसंत बापट | डॉ.जगन्नाथ नाईकवाडे | ३६ |
| ८ | प्रा.मा.गो.वैद्य यांच्या लेख वाचुन झाल्यावर | श्रीमती इंदुमती सहस्त्रबुध्दे | ४१ |
| ९ | नागपूरातील दोन परिसंवाद | संपादकीय | ४५ |
| १० | वाचे बरवे वाचकत्व | संपादकीय | ५७ |
| ११ | श्रीव्यासादिकांची उशिटे | संपादकीय | ५८ |
| १२ | श्रोत यज्ञ परिचय | अहिताग्नि कृष्णशास्त्री बापट | ६८ |




