अनुक्रमणिका
| श्री ज्ञानदेवीचे वरदान! | श्री ज्ञानेश्वरी | १८३ |
| ज्ञानदेवी : महाराष्ट्र धर्माचें दर्शन | डॉ.ब.स.येरकुंटवार | १८४ |
| पोच – अभिप्राय | डॉ.ब.स.येरकुंटवार | २०५ |
| ’राम-झरोक्या’तुन | आत्र्जनेय | २०७ |
| अंतीम सत्य | न.ना.भिडे | २१७ |
| ’सेक्युलॅरिझम’ चा धुडगुस | हरिहर पुनर्वसु | २२१ |
| वेधक वृत्ते | – | २४२ |




