अनुक्रमणिका
| अवतरण | १९७ | ||
| २ | संपादकीय | म्हणूनि करूण स्वरे रचि मयूर केकावली | १९८ |
| ३ | दोन साम्यवाद | ले. प. पू. कै. अप्रबुध्द | २१० |
| ४ | योगवासिष्ठ…… | आचार्या श्रीमती विमल पवनीकर | २२० |
| प्रतिक्रिया | |||
| १) अव्दैतवेदान्तरत्न प्रमोदशास्त्री कुलकर्णी | २२७ | ||
| २) मा.गो.वैद्य | २३३ | ||
| ३) अद्वयानंद गळतगे | २३४ | ||
| ५ | पुस्तक प्रकाशन वृत्तांत | ऋचा हळदे | २३५ |
| ६ | लोकमान्य बाळ गंगाधर … | अॅड.वि.शं.गोखले | २३६ |
| ७ | गीता-ज्ञानेश्वरीचे…. | श्री.रमेश बावकर | २४३ |
| ८ | गीता रहस्यातील….. | वि. वा. प्रा. सौ. राजलक्ष्मी बर्वे | २५४ |
| ९ | ज्ञानेश्वरीतील सूर्यसंदर्भ | आचार्या सौ. प्रज्ञा आपटे | २५८ |
| १० | म.म.पंडितसम्राट | राजेंद्र गणेश डोळके | २६३ |
| ११ | मानव्याकडे नेणारा…. | मोरेश्वर धुंडीराज फडके | २६९ |
| १२ | पू.वासूदेवानंदसरस्वती… | डॉ.मुकुन्द नागेश देशपांडे | २७६ |
| १३ | हिंदूचे हिंदूपण …. | आचार्य रा.ह.तुपकरी | २८१ |
| १४ | शंकराचार्यकृत…. | प्रा.वि.वा.के.वा.आपटे | २८६ |




