अनुक्रमणिका
| १ | आमची भूमिका | डॉ.ब.स.येरकुंटवार | २ |
| २ | संपादकीय -१ | – | ५ |
| ३ | संपादकीय -२ | – | १० |
| ४ | कच्छचा काश्मीर | दादुमिया | १३ |
| ५ | वैदिक धर्म | वसंत कुमार चतर्जी | १९ |
| ६ | पाहता-पाहता | दिलीप मनोहर सेनाड | २२ |
| ७ | आधुनिक काळातील सून | सौ.मालविका दरवणे | २६ |
| ८ | श्री ज्ञानदेवी विविधांगी संशोधन | श्री.मा.कुळकर्णी | २९ |
| ९ | डॉ.नाईकवाडे यांच्या चार साहित्यकृति | आचार्य अ.द.वेलणकर | ३६ |
| १० | संतकवी श्री दासगणू महाराज दर्शन | डॉ. विट्टल माधव पागे | ४० |
| ११ | निति स्वायत्त की परायत्त ? | – | ४४ |
| १२ | वाचे बरवे वाचकत्व | – | ४९ |
| १३ | श्री.दि.का.गर्दे यांच्या प्रबंधाचे सार : | – | ५४ |
| १४ | भारतीय धारणा समीति वृतत : | भा.ग.वर्तक | ७६ |




