अनुक्रमणिका
| १ | विश्वामिळती आपण | श्री. कै. अप्रबुध्द | १ |
| २ | आचार्यांची आम्हाला देणगी | प्रा.गु.वा.पिंपळापूरे | २ |
| ३ | भाऊसाहेब खांडेकर | प्रा.श्री.प्र.कुळकर्णी | ९ |
| ४ | रिध्दपूरचा दैवी अनुभव | श्री.वा.पु.दामले | १२ |
| ५ | डॉ.राधाकृष्णन यांची धर्मसंकल्पना | डॉ. स.गो.अयाचित | १६ |
| ६ | ’ययाती’ ची यातायात | समीक्षक | २३ |
| ७ | अग्निहोत्र : पश्चिमेकडील स्वागत | व.प्र.गीत | ३० |
| ८ | अमृतकलश | डॉ. शरच्चंद्र भगत | ३५ |
| ९ | उगवती क्षितिजं | प्रा.रविंद्र परेतकर | ४२ |
| १० | शरदाचं चांदणं | सुषमा |




