अनुक्रमणिका
| १ | श्री समर्थांचे छत्रपती संभाजीस पत्र | – | १ |
| २ | शिवशाहीचा नवावतार | संपादकीय | २ |
| ३ | प्राचीन जगात नमस्कार | अरूण चिंचमलातपूरे | १० |
| ४ | गोंधळवून सोडणारी आमची समाज रचना | जिज्ञासु | ११ |
| ५ | शिवराया ये रे ! | वंचित | १९ |
| ६ | दोन वैद्यके | डॉ.ब.स.येरकुंटवार | २६ |
| ७ | स्त्रियांचे पौरोहित्य | बाळ पाईक | ३३ |
| ८ | पुण्यश्लोक शिवाजीची संभाव्य कैद | हरिहर पुनर्वसु | ४४ |
| ९ | ब्राह्मणांनी मनुस्मृती जाळली पाहिजे | प्रा.अ.दा.आठवले | ५० |




